Nov 30, 2022

बिहार में परिवहन और संचार अधिसंरचना

 बिहार में परिवहन और संचार अधिसंरचना

प्रश्‍न- एक सुदृढ़ अधिसंरचना एवं संचार व्यवस्था न केवल आर्थिक विकास को तीव्र गति प्रदान करती है बल्कि आकस्मिक आपदाओं से निपटने में भी प्रभावी भूमिका निभाती है" बिहार के परिप्रेक्ष्‍य में कथन को सिद्ध कीजिए ।

एक सुविकसित परिवहन और संचार अधिसंरचना किसी भी देश की अर्थव्‍यवस्‍था की विकास की रीढ़ होती है जो न केवल प्राकृतिक संसाधनों, उद्योगों और बाजारों के बीच संपर्क प्रदान करते हैं बल्कि अर्थव्‍यवस्‍था को विकास एवं गति देने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है ।

बिहार में विगत कुछ वर्षों में सरकार द्वारा अधिसंरचना एवं संचार के क्षेत्र में सात निश्‍चय योजना, मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, भारतमाला परियोजना आदि के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से लेकर नगरीय क्षेत्रों में सड़क अधिसंरचना में काफी निवेश किया गया है । इसी प्रकार रेलवे, जल तथा वायु परिवहन तथा संचार के क्षेत्र में भी काफी योजनाएं चलायी जा रही है।   

बिहार सरकार के 7 निश्चय भाग-द्वारा घर तक पक्की गली नाली से  ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सविधाओं का विस्तार हुआ। वहीं 7 निश्चय भाग-2  के सुलभ संपर्कता से गांव को गांव, महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुख्यालय, बाजार, अस्पताल, विद्यालय, राष्ट्रीय उच्च पथ  तथा राज्य उच्च उच्च पद जैसे सुविधा केंद्र से जोड़ा जा रहा है।

इस प्रकार बिहार में अधिसंरचना एवं संचार योजनाओं के फलस्‍वरूप राज्य में न केवल आर्थिक विकास को गति मिल रही है बल्कि कोरोना जैसी आपदा की स्थिति से निपटने में भी व्‍यापक सहायता मिली जिसे निमन प्रकार समझा जा सकता है-

  • बिहार में परिवहन क्षेत्र जिसमें रेल, सड़क, जलमार्ग, वायु मार्ग जैसी परिवहन से जुड़ी सेवाएं शामिल है वर्ष  2011  से 2021  के दशक में 10.7% की उच्च वार्षिक दर से बढ़ी ।
  • इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में बिहार में परिवहन और दूरसंचार क्षेत्रों का राज्य के सकल राज्यगत मूल्यवर्धन में लगभग 11% हिस्सा था जो एक दशक पहले केवल 7.7% था 
  • हाल के वर्षो में विद्युत और शहरी अवसंरचना के कारण हुई प्रगति से संपर्कता और आर्थिक गतिशीलता बढ़ने से लोगों के लिए व्यवसाय के अनेक अवसर उत्पन्न हुए।
  • ई शासन, सूचनाओं तक आसान पहुंच, मंडियों तक आसान पहुंच, डिजिटल तकनीक,  ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति , वित्‍तीय समावेशन, बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं ने लोगों की न केवल नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच दूरी कमी की बल्कि लोगों की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी । 
  • डिजिटल समावेशन से बिहार के किसान वेब किओस्क द्वारा आसानी से मौसम के पूर्वानुमान, कृषि संबंधी आंकड़े, कृषि उत्पादों के बाजार मूल्य का नियमित अपडेटग्रामीण विकास तथा कृषि संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

इस प्रकार सुदृढ अधिसंरचना विकास द्वारा ग्रामीण-शहरी एकीकरण, पलायन में कमी लाने के साथ साथ आर्थिक  क्रियाओं को बढ़ावा मिला जिससे उत्पादन लागत में कमी आने तथा सुविधाओं में विस्तार होने से बिहार में चतुर्दिक विकास को बढ़ावा मिला । 

बिहार जैसे ग्रामीण बहुल राज्‍य जहां बाढ़, सूखा, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती है वहां एक सुदृढ अधिसंरचना एवं संचार व्‍यवस्‍था से ही आपदा जागरुकता, बचाव, राहत कार्य सुचारू रूप से किया जाना संभव हो पाया हैं ।

हाल में आयी कोविड महामारी से निपटने में चिकित्सा, उपकरण, दवा, आवश्यक वस्तुओं  तथा सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाने के साथ साथ लोगों को महामारी के प्रतिज जागरुक बनाने, ऐहतियाति उपायों के बारे में जानकारी देने में काफी मदद मिली । बेहतर सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल तकनीक द्वारा ही शिक्षा, संवाद, संपर्कता, लॉक डाउन अवधि में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण द्वारा आर्थिक सहायता इत्यादि संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों को बेहतर ढंग से निष्‍पादित किया गया ।

उपरोक्‍त से स्‍पष्‍ट है कि एक सुविकसित परिवहन और संचार अधिसंरचना जैसे सड़क, रेल, वायु, जल, सूचना प्रौद्योगिकी, डाक सेवाएं, दूरसंचार और इंटरनेट जहां अर्थव्यवस्था के फलने फूलने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देती है वहीं आकस्मिक आपदाओं से निपटने में भी प्रभावी भूमिका निभाती है।


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