GK BUCKET

BPSC, BSSC, Railway, SSC, सचिवालय सहायक जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समर्पित GK BUCKET अति महत्‍वपूर्ण, अपडेटेड तथा परीक्षापयोगी अध्‍ययन सामग्री उपलब्‍ध कराने का प्रयास करता है। इस मंच के माध्‍यम से आप प्रारंभिक परीक्षा के साथ-साथ मुख्‍य परीक्षा की भी तैयारी कर सकते हैंं। अध्‍ययन सामग्री उपलबध कराने हेतु बजट, आर्थिक समीक्षा, समाचार पत्र, सरकार के आंकड़ों तथा इंटरनेट पर उपलब्‍ध डाटाओं, महत्वपूर्ण रिपोर्ट इत्यादि के अद्यतन आकड़ों का उपयोग किया जाता है।

Monday, November 21, 2022

भारत में 5G तकनीक एवं संभावित उपयोग

 

भारत में 5G तकनीक एवं संभावित उपयोग

 भारत में 5G विकास के कारक

  • 5G हाई लेवल फोरम, 5G टेस्ट बेड आदि के माध्यम से सरकार का मजबूत समर्थन।
  • 5G, फाइबर और कवरेज में दूरसंचार कंपनियों द्वारा उच्‍च निवेश।
  • दिन प्रति दिन स्मार्टफोन का बढ़ता उपयोग।
  • ई-कॉमर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म उपयोग में वृद्धि।
सरकार के प्रयास
  • 2017 में 5G प्रौद्योगिकी हेतु एक उच्च स्तरीय मंच की स्‍थापना
  • सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा 5G इंडिया फोरम का गठन ।
  • राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति- 2018 के तहत भारत में 5G  सेवाओं हेतु लक्ष्‍य निर्धारित ।


भारत के लिए 5G प्रौद्योगिकी का महत्व

5G तकनीक भारत में विकास के नए अवसर पैदा करने के साथ भारत की संवृद्धि को भी गति प्रदान करेगानैसकॉम द्वारा हाल ही में जारी "5G-Unfolding India's era of Digital Convergence" रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2027 तक भारत में 5जी के उपयोगकर्ताओं की संख्‍या 50 करोड़ से ज्‍यादा हो सकती है तथा 5G तकनीक वर्ष 2030 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 2% तक का योगदान कर सकती है। इस प्रकार विभिन्‍न क्षेत्रों में इसकी व्‍यापक संभावनाएं हैं । 

 

भारत में 5G तकनीक के संभावित उपयोग 

आर्थिक संवृद्धि

5G नेटवर्क से भारत की अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर की वृद्धि का अनुमान है। नेटवर्क को उच्‍च गति से शासन व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और व्यापार सुगमता, निवेश में वृद्धि होगी ।

कृषि

कृषि में ड्रोन के उपयोग में यह तकनीक मददगार है । ड्रोन आधारित कृषि से लागत में 20% तक की कमी आने के साथ साथ उपज में  30% से 100% तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

रोजगार एवं आत्‍मनिर्भरता

अवसंरचना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक आदि में नौकरियों के अवसर बढ़ने की संभावना के साथ साथ तकनीकी आत्‍मनिर्भरता भी आएगी ।

स्‍वास्‍थ्‍य

यह तकनीक विशेषज्ञता आधारित अस्‍पतालों पर कार्य बोझ को कम कर सकती है तथा इससे ग्रामीण भारत के लगभग 80% मरीजों को लाभ मिल सकता है ।

ऊर्जा

इस तकनीक द्वारा स्‍मार्ट मीटर की सहायता से 99% सटीकता के साथ बिजली खपत की निगरानी कर बिजली की चोरी रोकी जा सकती है ।

लॉजिस्टिक

5G तकनीक भारत की वर्तमान लॉजिस्टिक लागत जो लगभग 14% से कम करते हुए उसे 5%  तक लाने में मदद कर सकती है।

रिटेल व्‍यवसाय 

5G तकनीक खुदरा विक्रेताओं के सिकुडते बाजार को विराम देते हुए उनकी बिक्री को 7% तक बढ़ाने में मदद कर सकती है। 

 

5G के कार्यान्वयन में विद्यमान चुनौतियां

फाइबर कनेक्‍शन की कमी

  • भारत में नेटवर्क, फाइबराइजेशन का निम्न स्तर है और वर्तमान में केवल 30% दूरसंचार टावर ही फाइबर कनेक्शन से जुड़े हुए हैं।

उपकरणों हेतु विदेशों पर निर्भरता

  • 5G उपकरणों हेतु भारत मुख्‍य रूप से विदेशी विनिर्माताओं पर निर्भर हैं इस कारण वहनीय मूल्‍य पर उपकरण की उपलब्‍धता सुनिश्चित करना एक प्रमुख चुनौती है।

उच्च मूल्य निर्धारण

  • भारत में स्पेक्ट्रम का मूल्य वैश्विक औसत से कई गुना अधिक है तथा  व्‍यापक पहुंच हेतु 5G सेवाओं का उचित मूल्य निर्धारण करना होगा ।

तकनीकी एवं कुशल श्रम की कमी

  • बेहतर परिचालन एवं रखरखाव हेतु आवश्‍यक कौशल युक्‍त मानव श्रम की कमी ।

अन्‍य चुनौतियां

  • नेटवर्क कवरेज, 5G हैंडसेट की अपर्याप्त उपलब्धता, डेटा गोपनीयता
  • साइबर सुरक्षा से संबंधी समस्‍याएं ।
  • राज्यों में Right of Way नियमों के एक समान कार्यान्वयन की कमी आदि।

 

भारत में 5G तकनीक के विकास हेतु सुझाव 

  • 5G संबंधी आवश्‍यक अवसंरचनाओं का विकास किया जाए।
  • साइबर सुरक्षा, निजता संबंधी सुरक्षा  तंत्र को मजबूत किया जाए।
  • कुशल कार्यबल तैयार करने हेतु सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाया जाए।
  • सरकार के विभिन्‍न विभागों में सहयोग एवं समन्‍वयन स्‍थापित किया जाए ।
  • 5G उपयोग की संधारणीयता बनाए रखने हेतु ग्रीन 5G पहल के तहत नेटवर्क शेयरिंग, विषाक्‍त अपशिष्‍ट को कम करने पर बल दिया जाना चाहिए ।
आगे की राह

विश्‍व की तीव्र गति से बढ़ रही अर्थव्‍यवस्‍था के रूप में भारत को गति देने में 5G तकनीक की भूमिका अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। अत: इसके संचालन हेतु वर्तमान टावरों की संख्‍या में तेजी से वृद्धि करने के साथ साथ इसके संबंधित उपकरणों के निर्माण पर बढ़ावा देना होगा साथ ही विश्‍व स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी बनाने हेतु मूल्‍य को युक्ति संगत करना होगा ।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण लेख का लिंक

सभी प्रश्‍न एवं उत्‍तर हमारे संस्‍थान के नोटस पर आधारित है जिसको आर्डर कर आप अपने घर पर प्राप्‍त कर सकते हैं । 

No comments:

Post a Comment