Dec 2, 2024

बिहार करेंट अफेयर- अगस्‍त 2024

 

बिहार करेंट अफेयर- अगस्‍त 2024




बाढ़ न्यूनीकरण और सिंचाई परियोजनाओं हेतु ₹11,500 करोड़ की सहायता

केंद्र सरकार ने केन्‍द्रीय बजट में बाढ़ न्यूनीकरण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹11,500 करोड़ की सहायता का प्रावधान किया है जिसके बाद निम्‍न प्रमुख योजनाएं और प्रस्ताव के संदर्भ में बिहार सरकार द्वारा योजना तैयार की जा रही है।  

 

नए बराज निर्माण:

1.  कोसी नदी: डागमारा बराज।

2.  गंडक नदी: अरेराज बराज।

3.  बागमती नदी: ढंग और कटौंझा बराज।

4.  महानंदा नदी: तैयबपुर बराज।

5.  सकरी नदी: बकसोती बराज।

 

अन्य उन्नयन परियोजनाएं:

1.  कमला नहर प्रणाली: उन्नयन और बराज का निर्माण।

2.  सोन नदी: इन्द्रपुरी बराज का उन्नयन।

3.  नाटा वीयर: बराज में परिवर्तित करने की योजना।

 

इन योजनाओं के उद्देश्य बाढ़ के दौरान व्यर्थ बहने वाले पानी को संरक्षित करते हुए जल संकट से निपटना और  संरक्षित पानी का उपयोग खेती और पेयजल के लिए करना है। इस प्रकार बिहार की प्रमुख नदियों पर बराज बनाने से बाढ़ प्रबंधन,सिंचाई और पीने के पानी की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।

 

प्रश्न: केन्‍द्रीय बजट में बाढ़ न्यूनीकरण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा कितनी राशि की सहायता का प्रावधान किया गया है?

A) ₹10,000 करोड़

B) ₹11,000 करोड़

C) ₹11,500 करोड़

D) ₹12,000 करोड़

 

उत्तर: C) ₹11,500 करोड़

विवरण:केंद्र सरकार ने बाढ़ न्यूनीकरण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹11,500 करोड़ की सहायता का प्रावधान किया है। इस वित्तीय सहायता के तहत बिहार सरकार बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई की प्रमुख योजनाओं को लागू करने के लिए योजनाएं तैयार कर रही है।

 

राजनीतिक अशांति के चलते बिहार में अलर्ट

हाल ही में बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के चलते बिहार के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया। यह स्थिति बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न हुई, जिसके परिणामस्वरूप वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा।

 

प्रश्न: हाल ही में किस देश में राजनीतिक अशांति के चलते बिहार के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया?

A) पाकिस्तान

B) नेपाल

C) बांग्लादेश

D) श्रीलंका

 

उत्तर: C) बांग्लादेश

विवरण: बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शनों के कारण राजनीतिक अशांति उत्पन्न हुई। इन प्रदर्शनों के चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। इस स्थिति के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बिहार के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया।

 

बोधगया में दुनिया के सात आश्चर्यों की प्रतिकृति

पर्यटन विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि बिहार के बोधगया में दुनिया के सात आश्चर्यों की प्रतिकृतियाँ बनायी जा‍एगी जिसमें चीन की दीवार, आगरा का ताजमहल सहित अन्य प्रसिद्ध आश्चर्य शामिल होंगे।

इसका निर्माण सिलौंजा (बोधगया के पास) किया जाएगा जिसे अगले 2 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को अधिक दिनों तक बिहार में रुकने के लिए प्रेरित करना तथा बोधगया आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनाना।

 

विश्‍व के 7 आश्‍चर्य

1.  गीजा का पिरामिड (मिस्र): 439 फीट ऊंचा, फिरौन खुफु की कब्र।

2.  रोमन कोलोसियम (इटली): प्राचीन एम्फिथिएटर।

3.  ताजमहल (भारत): प्रेम का प्रतीक।

4.  चीन की दीवार: 21,000 किमी लंबी रक्षात्मक संरचना।

5.  पेट्रा (जॉर्डन): रोजान नगरी, गुफाओं और मंदिरों का शहर।

6.  क्राइस्ट द रेडीमर (ब्राजील): विशाल यीशु मसीह की मूर्ति।

7.  माचू पिच्चू (पेरू): इंका सभ्यता का प्राचीन शहर।

 

प्रश्न: बिहार पर्यटन विभाग द्वारा दुनिया के सात आश्चर्यों की प्रतिकृतियाँ कहाँ बनाई जाएँगी?

A) राजगीर

B) पटना

C) बोधगया (सिलौंजा)

D) नालंदा

 

उत्तर: C) बोधगया (सिलौंजा)

विवरण: बिहार के बोधगया के पास सिलौंजा में दुनिया के सात आश्चर्यों की प्रतिकृतियों का निर्माण किया जाएगा। इसमें चीन की दीवार, आगरा का ताजमहल सहित अन्य प्रसिद्ध आश्चर्य शामिल होंगे। इस परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

बांका: इको टूरिज्म कैंप में शामिल

बांका, अंग क्षेत्र का तीसरा स्थान बन गया है जिसे इको-टूरिज्म कैंप में शामिल किया गया है। इससे पहले भागलपुर के विक्रमशिला और मुंगेर के भीमबांध को इको-टूरिज्म कैंप का हिस्सा बनाया गया था।

 

बांका को शामिल करने का कारण

·     भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2021 के अनुसार बांका का वन क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ा है तथा पिछले एक साल में 16 वर्ग किमी वन क्षेत्र की वृद्धि हुई है । इस कारण बांका को इको-टूरिज्म में शामिल किया गया।

·     बांका की प्राकृतिक और पर्यावरणीय विशेषताएँ जैसे सघन वन क्षेत्र, पहाड़ों के समीप हरियाली, ओढ़नी डैम की सुंदरता, चानन-बाराहाट क्षेत्र में आकर्षक हरित परिदृश्य भी इको टूरिज्‍म की वहज है। 

 

इको टूरिज्‍म में सामान्‍यत: उन स्‍थानों की यात्रा शामिल होती है जहां वनस्‍पतियों, जीव जंतु और सांस्‍कृतिक विरासत प्राथमिक आकर्षण होते हैं। इको-टूरिज्म का उद्देश्य प्राकृतिक स्थलों, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देना होता है।

 

बिहार के इको-टूरिज्म के अन्य प्रमुख स्थल

·     भागलपुर: विक्रमशिला।

·     मुंगेर: भीमबांध।

·     पश्चिमी चंपारण: वाल्मिकीनगर टाइगर रिजर्व।

·     नवादा: ककोलत जलप्रपात।

·     राजगीर: घोड़ाकटोरा।

 

प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान अंग क्षेत्र में इको-टूरिज्म कैंप का हिस्सा नहीं है?

A) विक्रमशिला

B) भीमबांध

C) बांका

D) वाल्मीकि नगर

 

उत्तर: D) वाल्मीकि नगर

विवरण:अंग क्षेत्र में इको-टूरिज्म कैंप में विक्रमशिला (भागलपुर), भीमबांध (मुंगेर), और बांका को शामिल किया गया है। वाल्मीकि नगर, हालांकि एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है, लेकिन अंग क्षेत्र के इको-टूरिज्म कैंप का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

 


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गया के डोभी में बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डोभी, गया में राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक पार्क के निर्माण को मंजूरी दी है। यह औद्योगिक पार्क अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कोरिडोर का हिस्सा होगा। उल्‍लेखनीय है कि 1670 एकड़ भूमि में फैले इस औद्योगिक पार्क को "विरासत भी, विकास भी" के सिद्धांत पर विकसित किया जाएगा।

 

डोभी में बनने वाला यह पार्क इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के रूप में विकसित होगा। इसके बनने से जहां या पूर्वी भारत का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन जाएगा वहीं यह बिहार को उद्योग के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करेगा।

 

प्राथमिकता वाले निवेश क्षेत्र: इस औद्योगिक पार्क में कई उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनमें प्रमुख है

·     कृषि/खाद्य प्रसंस्करण

·     वस्त्र

·     ऑटो कंपोनेंट्स

·     स्टील आधारित उत्पाद

·     मेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण

·     निर्माण उद्योग

·     फर्नीचर

·     हस्तशिल्प और हथकरघा

 

परियोजना से लाभ

·     परियोजना में करीब 6000 करोड़ रुपये निवेश की संभावना है, जिसमें कई बड़ी कंपनियाँ निवेश कर सकती हैं।

·     औद्योगिक पार्क के निर्माण से लगभग एक लाख नौकरियाँ सृजित होने की संभावना है।

·     राज्य में आर्थिक विकास और रोजगार  को बढ़ावा देगा।

·     गया और बोधगया का पर्यटन केंद्र होने से विदेशी निवेशकों के लिए भी क्षेत्र में रुचि बढ़ रही है।

·     व्यापारिक विस्तार और सीमा-पार बाजारों तक पहुंच

 

बुनियादी सुविधाएं और कनेक्टिविटी:

·     प्लग एंड प्ले योजना के तहत उद्योगों को बिना किसी देरी के काम शुरू करने में मदद मिलेगी।

·     अमृतसर-कोलकाता एक्सप्रेस वे और जीटी रोड पर स्थित होने के कारण कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है।

·     दिल्ली-कोलकाता रेललाइन के निकट स्थित होने से माल परिवहन आसान है।

·     हल्दिया बंदरगाह से जुड़े होने के कारण निर्यात के लिए समुद्री मार्ग उपलब्ध है।

·     गया के पास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होने से व्यापारिक उद्देश्यों के लिए कंपनियों की रुचि बढ़ी है।

·     पटना-गया-डोभी राजमार्ग पर स्थित होने से राज्य की राजधानी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

·     यह पूर्वी,उत्तरी और उत्तर-पूर्वी भारत के विशाल बाजारों तक आसान पहुंच प्रदान करती है।

·     नेपाल, बांग्लादेश, और भूटान के बाजारों तक भी माल भेजना आसान होगा।

 

प्रश्न: डोभी, गया में बनने वाले औद्योगिक पार्क को किस सिद्धांत पर विकसित किया जाएगा?

A) विकास के लिए नवाचार

B) पर्यावरण संरक्षण

C) विरासत भी, विकास भी

D) आत्मनिर्भर भारत

 

उत्तर: C) विरासत भी, विकास भी

 

प्रश्न: डोभी, गया में विकसित किया जाने वाला औद्योगिक पार्क किस कोरिडोर का हिस्सा है?

A) दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर

B) अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कोरिडोर

C) चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कोरिडोर

D) मुंबई-हैदराबाद इंडस्ट्रियल कोरिडोर

उत्तर: B) अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कोरिडोर

 

प्रश्न: डोभी, गया में बनने वाले औद्योगिक पार्क को किस प्रकार से विकसित किया जाएगा?

A) स्मार्ट सिटी क्लस्टर

B) इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC)

C) ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जोन

D) टेक्नोलॉजी हब

उत्तर: B) इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC)

 

बिहार में ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस की पहल: उद्योगों के लिए हरित ऊर्जा का रास्ता

बिहार में औद्योगिक उपभोक्ताओं को ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) का विकल्प उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है । यह योजना सोलर, विंड, और अन्य गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर आधारित होगी जिसके लाभ को निम्‍न प्रकार समझा जा सकता है:

·     औद्योगिक उपभोक्ताओं को कोयला-आधारित बिजली के बजाय सस्ती और हरित ऊर्जा मिलेगी।

·     कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।

·     ग्रीन एनर्जी उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को हरित प्रमाणपत्र और अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी।

ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस का उद्देश्य:

·     2030 तक हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना।

·     कोयला आधारित बिजली की खपत में कमी कर कार्बन उत्सर्जन में 45% की कटौती।

·     बिहार में हरित ऊर्जा आधारित उद्योगों का विकास और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना।

 

निष्कर्ष: ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस से उद्योगों को सस्ती, टिकाऊ, और पर्यावरण के अनुकूल बिजली मिलेगी। इससे राज्य के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा और बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

 

बिहार राज्य धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड (BSBRT)

बिहार सरकार ने हाल ही में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के अपंजीकृत मंदिरों, मठों और धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण सुनिश्चित करें और उनकी अचल संपत्ति का ब्यौरा बिहार राज्य धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड (BSBRT) को प्रस्तुत करें।

 

बिहार हिंदू धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत, राज्य के सभी सार्वजनिक मंदिरों, मठों, ट्रस्टों और धर्मशालाओं को BSBRT के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य है। यह अधिनियम धार्मिक संपत्ति के प्रबंधन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था।

 

BSBRT के अनुसार बिहार में 2,499 पंजीकृत मंदिर हैं जबकि अपंजीकृत मंदिर और मठ की संख्‍या 2,512 है।

 

बिहार सरकार का यह कदम धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल संपत्ति का दुरुपयोग रुकेगा, बल्कि धार्मिक संस्थानों के सही प्रशासन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

प्रश्न: बिहार हिंदू धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत किसे पंजीकरण करना अनिवार्य है?

A) राज्य के निजी स्कूलों

B) राज्य के सार्वजनिक मंदिरों, मठों, ट्रस्टों और धर्मशालाओं

C) राज्य के सरकारी कार्यालयों

D) राज्य के सड़कों और पुलों का निर्माण विभाग

 

उत्तर: B) राज्य के सार्वजनिक मंदिरों, मठों, ट्रस्टों और धर्मशालाओं

विवरण: बिहार हिंदू धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत राज्य के सभी सार्वजनिक मंदिरों, मठों, ट्रस्टों और धर्मशालाओं का पंजीकरण बिहार राज्य धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड (BSBRT) के साथ अनिवार्य किया गया है। यह अधिनियम धार्मिक संपत्ति के प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।

 

बिहार में जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपाय

बिहार राज्य में औसत तापमान में 0.8°C वृद्धि और बारिश में 22% की कमी से हीटवेव, बिजली गिरने और अन्य आपदाओं में वृद्धि हुई है। इन खतरों को कम करने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हालिया बैठक में विभिन्न विभागों ने समन्वित प्रयासों पर जोर देते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी योजनाओं को लागू करने पर सहमति जतायी जिसे निम्‍न प्रकार समझा जा सकता है।

 

·     पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग: पौधरोपण और जैव विविधता संरक्षण पर बल।

·     लघु जल संसाधन विभाग: सिंचाई में प्राकृतिक ढलान का उपयोग, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं और भूमिगत जल स्रोतों का प्रभावी उपयोग।

·     ऊर्जा विभाग:सौर ऊर्जा कार्यक्रमों को बढ़ावा।

·     स्वास्थ्य विभाग: जलवायु परिवर्तन जनित बीमारियों का प्रबंधन।

·     कृषि विभाग: जलवायु अनुकूल खेती पर जोर।

·     शहरी विकास एवं आवास विभाग: शहरी बाढ़ प्रबंधन और वर्षा जल प्रबंधन।

·     ग्रामीण विकास विभाग: जलवायु अनुकूल कृषि तकनीक, भूमि संरक्षण, और जल संसाधन प्रबंधन।

 

बिहार में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सभी सरकारी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे जिसमें पौधरोपण, सौर ऊर्जा, जल प्रबंधन, और जलवायु अनुकूल कृषि जैसी योजनाएँ न केवल पर्यावरण की सुरक्षा करेंगी बल्कि राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को भी बढ़ाएँगी।

 

बिहार के उत्पादों को GI टैग दिलाने की पहल

बिहार राज्य कृषि विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय,  भागलपुर मिलकर 54 क्षेत्र-विशिष्ट उत्पादों के लिए GI प्रमाणन पर काम कर रहे हैं जिनमें कुछ प्रमुख उत्‍पाद निम्‍न है

·     लिट्टी चोखा (बिहार का मुख्य व्यंजन)

·     रोहतास का सोनाचूर चावल

·     रोहतास का गुलशन टमाटर

·     पटना का सिंघाड़ा

·     दीघा का मालदा आम

 

बिहार के मौजूदा GI-टैग उत्पाद:

·     शाही लीची

·     भागलपुरी जर्दालू आम

·     कतरनी चावल

·     मारीचा चावल

·     मगही पान

·     मखाना (फॉक्सनट)

 

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प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद बिहार का GI-टैग प्राप्त उत्पाद नहीं है?

A) शाही लीची

B) भागलपुरी जर्दालू आम

C) मखाना (फॉक्सनट)

D) बोधगया चावल

 

उत्तर: D) बोधगया चावल

विवरण: बिहार के GI-टैग प्राप्त उत्पादों में शाही लीची, भागलपुरी जर्दालू आम, कतरनी चावल, मारीचा चावल, मगही पान, और मखाना (फॉक्सनट) शामिल हैं। बोधगया चावल GI-टैग प्राप्त उत्पादों में से नहीं है।

 

GI (भौगोलिक संकेत) टैग संबंधी तथ्‍य

GI (भौगोलिक संकेत) टैग उत्पाद की गुणवत्ता और विशिष्टता को मान्यता देता है। यह सुनिश्चित करता है कि विशिष्ट क्षेत्र के उत्पादकों को ही उस नाम का उपयोग करने का अधिकार हो। GI पंजीकरण 10 वर्षों तक वैध होता है और इसे नवीनीकृत किया जा सकता है।

·     GI टैग का प्रबंधन केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग द्वारा किया जाता है।

·     भारत GI टैग देने में TRIPS समझौते के तहत विश्व व्यापार संगठन (WTO) की प्रतिबद्धताओं का पालन करता है।

 

बिहार: अस्पतालों में डिजिटल माध्यम से इलाज

मरीजों को सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने और तकनीकी का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार करने के उद्देश्‍य से बिहार के अस्पतालों में मरीजों को डिजिटल माध्यम से देखे जाने की सुविधा उपलब्ध है। इसमें राज्य के जिलों की प्रदर्शन रैंकिंग जारी की गई है।

रैंकिंग के अनुसार बिहार में शीर्ष जिला: बांका (99.02%) है जबकि सबसे निचला जिला: भोजपुर (69.57%) है। इसमें पटना का स्थान: 71% के साथ 37वां है।

 

प्रश्न: बिहार में अस्पतालों में मरीजों को डिजिटल माध्यम से देखे जाने की सुविधा के तहत कौन-सा जिला शीर्ष स्थान पर है?

A) पटना

B) भोजपुर

C) बांका

D) मुंगेर

 

उत्तर: C) बांका

विवरण:बिहार के अस्पतालों में मरीजों को डिजिटल माध्यम से देखे जाने की सुविधा उपलब्ध है। इसमें प्रदर्शन रैंकिंग के अनुसार, बांका (99.02%) शीर्ष स्थान पर है, जबकि भोजपुर (69.57%) सबसे निचला जिला है। पटना का स्थान 37वां है, जिसमें प्रदर्शन 71% है।

 

जहानाबाद के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़

बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से कई लोगों की मृत्यु।

घटना का कारण मंदिर के प्रवेश द्वार पर कांवड़ियों और फूल विक्रेताओं के बीच विवाद था जिसके कारण भगदड़ हुई और कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए।

 

प्रश्न: बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ मचने का कारण क्या था?

A) भारी बारिश

B) मंदिर के प्रवेश द्वार पर कांवड़ियों और फूल विक्रेताओं के बीच विवाद

C) बिजली की कटौती

D) मंदिर में आग लगना

 

उत्तर: B) मंदिर के प्रवेश द्वार पर कांवड़ियों और फूल विक्रेताओं के बीच विवाद

विवरण:बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से कई लोगों की मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस भगदड़ का कारण मंदिर के प्रवेश द्वार पर कांवड़ियों और फूल विक्रेताओं के बीच विवाद था, जिसके परिणामस्वरूप भगदड़ हुई।

 

राजगीर और पूर्णिया में क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशालाएँ

बिहार में न्यायिक प्रक्रिया को और सशक्त बनाने के लिए राजगीर और पूर्णिया में क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशालाएँ (FSL) जल्द ही शुरू होंगी।

उल्‍लेखनीय है कि 1 जुलाई 2024 से लागू नए आपराधिक कानूनों के तहत 7 साल से अधिक सजा वाले मामलों में FSL रिपोर्ट अनिवार्य है। इससे पहले, FSL रिपोर्ट पुलिस जांच का अनिवार्य हिस्सा नहीं थी। इस प्रकार राजगीर और पूर्णिया में नई FSL के संचालन से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सशक्त और विश्वसनीय होगी।

 

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प्रश्न: बिहार में न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए कहाँ क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशालाएँ (FSL) स्थापित की जाएंगी?

A) पटना और गया

B) राजगीर और पूर्णिया

C) मुजफ्फरपुर और भागलपुर

D) दरभंगा और समस्तीपुर

 

उत्तर: B) राजगीर और पूर्णिया

विवरण:बिहार में न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए राजगीर और पूर्णिया में क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशालाएँ (FSL) स्थापित की जाएंगी। ये प्रयोगशालाएँ 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनों के तहत 7 साल से अधिक सजा वाले मामलों में FSL रिपोर्ट को अनिवार्य बनाने के उद्देश्य से स्थापित की जा रही हैं।

 

ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर औषधीय पौधों की खोज

बिहार के गया स्थित ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर शोधकर्ताओं ने औषधीय पौधों की खोज की, जिसमें गुड़मार (जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे) एक प्रमुख खोज है।

·     यह गुड़मार मधुमेह रोधी जड़ी-बूटी के रूप में प्रसिद्ध है तथा जिम्नेमिक एसिड की उपस्थिति के कारण यह रक्त शर्करा को कम करने में सक्षम है।

·     CSIR ने इस जड़ी-बूटी का उपयोग कर मधुमेह रोधी दवा BGR-34 विकसित की है। गुड़मार और अन्य औषधीय पौधों की खोज स्वास्थ्य अनुसंधान और प्राकृतिक दवाओं के विकास के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा में नई संभावनाएँ खोलती है।

 

प्रश्न: बिहार के गया स्थित ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर शोधकर्ताओं द्वारा की गई प्रमुख खोज कौन-सी औषधीय पौधों की थी?

A) तुलसी

B) गुड़मार (जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे)

C) अश्वगंधा

D) हल्दी

 

उत्तर: B) गुड़मार (जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे)

विवरण: बिहार के गया स्थित ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर शोधकर्ताओं ने औषधीय पौधों की खोज की, जिसमें गुड़मार (जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे) एक प्रमुख खोज है। गुड़मार मधुमेह रोधी जड़ी-बूटी के रूप में प्रसिद्ध है और इसमें जिम्नेमिक एसिड की उपस्थिति के कारण यह रक्त शर्करा को कम करने में सक्षम है।

 

बिहार पुलिस 'सुरक्षित सफर सुविधा': एक नई पहल

बिहार पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सुरक्षित सफर सुविधा' नामक सेवा की शुरुआत की है। 15 सितंबर 2024 से यह सुविधा पूरे राज्य में लागू होगी। डायल 112 के माध्यम से महिलाएं 24x7 निशुल्क सेवा प्राप्त कर सकेंगी।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 5 सितंबर 2024 से पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बेगूसराय और नालंदा जिलों में शुरू होगा जो 15 सितंबर 2024 से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

 

बिहार देश का तीसरा राज्य है जो यह सेवा प्रदान करेगा। पहले हरियाणा (2023) और तेलंगाना (2024) ने इस पहल को अपनाया है।

 

विशेषताएँ:

·     महिलाएं डायल 112 पर कॉल कर निशुल्क सहायता प्राप्त करेंगी।

·     यात्रा के दौरान उनकी डिजिटली निगरानी होगी जिससे किसी आपत स्थिति में तत्काल सहायता मिल सकेगी।

·     आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) या नजदीकी थाने से मदद।

·     महिलाओं की सुरक्षा और अपराध रोकथाम पर त्वरित पुलिस कार्रवाई।

·     सी-डैक (C-DAC) द्वारा तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।

 

प्रश्न: बिहार पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-सी सेवा शुरू की है?

A) महिला सुरक्षा हेल्पलाइन

B) सुरक्षित सफर सुविधा

C) महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम

D) महिला यातायात सहायता सेवा

 

उत्तर: B) सुरक्षित सफर सुविधा

विवरण: बिहार पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'सुरक्षित सफर सुविधा' नामक सेवा की शुरुआत की है। यह सुविधा 15 सितंबर 2024 से पूरे राज्य में लागू होगी, और डायल 112 के माध्यम से महिलाएं 24x7 निशुल्क सेवा प्राप्त कर सकेंगी।

 

दीदी की रसोई: बिहार की सफलता से प्रेरित अन्य राज्यों की पहल

दीदी की रसोई बिहार की एक प्रभावशाली पहल है। अन्य राज्यों द्वारा इस मॉडल को अपनाना इसकी सफलता और व्यापक प्रभाव का प्रमाण है। यह पहल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान दे रही है बल्कि जनता को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता भोजन उपलब्ध कराकर सामाजिक उत्थान में भी भूमिका निभा रही है।

 

हाल ही में पंजाब, कर्नाटक, और गुजरात जैसे राज्यों ने इस मॉडल को अपनाने की इच्छा व्यक्त की है तथा इन राज्‍यों के अधिकारी बिहार आकर दीदी की रसोई की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर चुके हैं।

 

दीदी की रसोई

·     यह पहल बिहार में 2018 से जीविका के तहत शुरू हुई जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार प्रदान करना और सस्ता व स्वच्छ खाना उपलब्ध कराना।

·     बिहार में 38 जिलों में 200 से अधिक स्थानों पर दीदी की रसोई संचालित है । इसके अलावा अस्पताल, स्कूल, बैंक और सरकारी कार्यालयों में कैंटीन के रूप में भी कार्यरत है।

 

वर्तमान में 50,000 से अधिक महिलाएं दीदी की रसोई से जुड़ी हैं तथा प्रत्येक रसोई में 10-12 महिलाएं एक साथ काम करती हैं। यह पहल महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करती है।

 

राजगीर में बिहार की पहली खेल अकादमी और खेल विश्वविद्यालय का उद्घाटन

29 अगस्‍त 2024 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य की पहली खेल अकादमी और बिहार खेल विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया।

 

मुख्य बिंदु:

1.  अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर में 24 खेल विधाओं का एक साथ प्रशिक्षण उपलब्ध है । इसमें प्रशिक्षण, आवास और चिकित्सा सुविधाएँ एक ही परिसर में दी जा सकती है।

2.  मुख्य क्रिकेट स्टेडियम में 50,000 दर्शकों की क्षमता जबकि 8 छोटे स्टेडियम में 10,000 दर्शकों की क्षमता है।

3.  अन्य सुविधाओं में विश्व स्तरीय खेल पुस्तकालय, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, कबड्डी खेलों के प्रशिक्षण केंद्र हैं। भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल पुस्‍तकालय यहां बनाया जा रहा है।

4.  बिहार खेल विश्वविद्यालय को स्थापना की मंजूरी जुलाई 2021में दी गयी थी जिसका उद्देश्‍य खेल शिक्षा को बढ़ावा, खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन, खेल प्रशिक्षण, और खेल प्रौद्योगिकी में उच्चस्तरीय अनुसंधान है।



 

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प्रश्न: बिहार के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कहाँ राज्य की पहली खेल अकादमी और बिहार खेल विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया?

A) पटना

B) गया

C) राजगीर

D) मुंगेर

 

उत्तर: C) राजगीर

विवरण: इस सुविधा में विश्व स्तरीय खेल पुस्तकालय, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, कबड्डी खेलों के प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल पुस्तकालय यहाँ बनाया जा रहा है।

 

आलोक राज बने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)

आलोक राज भारतीय पुलिस सेवा के 1989 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्त किया गया है। हालांकि, फिलहाल उन्हें अगले आदेश तक डीजीपी का प्रभार सौंपा गया है।

 

प्रश्न: आलोक राज को किस पद पर नियुक्त किया गया है?

A) बिहार के मुख्य सचिव

B) बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)

C) बिहार के राजस्व सचिव

D) बिहार के गृह मंत्री

 

उत्तर: B) बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)

 

अमृत लाल मीणा बिहार के अगले मुख्य सचिव

बिहार कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा बिहार के अगले मुख्य सचिव होंगे। शुक्रवार की देर शाम केंद्र सरकार ने उन्हें बिहार कैडर में वापस करने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही श्री मीणा का बिहार का मुख्य सचिव बनना तय माना जा रहा है।

 

प्रश्न: बिहार के अगले मुख्य सचिव के रूप में किस अधिकारी की नियुक्ति की गई है?

A) आलोक राज

B) अमृत लाल मीणा

C) संजीव कुमार

D) राजीव रंजन

 

उत्तर: B) अमृत लाल मीणा

 

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बिहार में स्पेशल सेल का गठन

बिहार सरकार ने सभी सरकारी भवनों में स्पेशल सेल बनाने का निर्णय लिया है। यह सेल विधानमंडल की समितियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा। विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस सेल के प्रभारी होंगे। कुछ विभागों में इसका गठन हो चुका है, जबकि बाकी में प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

 

यह सेल न केवल विधानमंडल की समितियों के अनुदेशों को लेकर विभागीय कार्रवाई पर नजर रखेगा, बल्कि विधानमंडल को रिपोर्ट भी देगा और नए निर्देशों का पालन करेगा।

 

प्रश्न: बिहार सरकार ने सभी सरकारी भवनों में किस उद्देश्य के लिए स्पेशल सेल बनाने का निर्णय लिया है?

A) कर्मचारियों की समय उपस्थिति की निगरानी

B) विधानमंडल की समितियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना

C) सरकारी योजनाओं की जांच करना

D) लोक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना

 

उत्तर: B) विधानमंडल की समितियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना

विवरण: बिहार सरकार ने सभी सरकारी भवनों में स्पेशल सेल बनाने का निर्णय लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य विधानमंडल की समितियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।

 

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024: बिहार के गौरव

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए बिहार के दो शिक्षकों का चयन हुआ है। ये पुरस्कार शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर राष्ट्रपति द्वारा विज्ञान भवन, दिल्ली में प्रदान किए जाएंगे। बिहार से छह नाम भारत सरकार को भेजे गए थे, जिनमें से दो का चयन हुआ।

1. डॉ. मीनाक्षी कुमारी (मधुबनी)

विद्यालय: शिव गंगा बालिका प्लस टू स्कूल।

अभियान: खुद भी पढ़ो औरों को भी पढ़ाओ के माध्यम से बच्चियों की शिक्षा में सुधार।

2. सिकेंद्र कुमार सुमन (कैमूर):

विद्यालय: तरहनी न्यू प्राथमिक स्कूल।

विशेषता:बच्चों की साप्ताहिक परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया ऑनलाइन।

 

प्रश्न: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए बिहार से कौन-से दो शिक्षक चयनित हुए हैं?

A) डॉ. मीनाक्षी कुमारी और सिकेंद्र कुमार सुमन

B) राम कुमार और मोहन सिंह

C) रचना शर्मा और देवेंद्र कुमार

D) सीमा देवी और अरविंद कुमार

 

उत्तर: A) डॉ. मीनाक्षी कुमारी और सिकेंद्र कुमार सुमन

 

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बिहार-वन पोर्टल: 300+ सेवाओं का एकीकृत मंच

राज्य सरकार द्वारा संचालित 300 से अधिक सेवाओं और योजनाओं को एक ही मंच पर लाना इसका उद्देश्‍य है। सेवाओं का केंद्रीकृत प्रबंधन के तहत सभी विभागों की योजनाओं जैसे प्रमाणपत्र (जैसे आय, जाति, निवास), अनुदान और पेंशन, छात्रवृत्ति, अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नागरिकों को एकीकृत पोर्टल 'बिहार-वन' के माध्यम से प्रदान की जाएगी तथा नागरिकों को विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग पोर्टल पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

इस प्रकार 'बिहार-वन' पोर्टल राज्य के नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने का प्रयास है। इससे डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा और योजनाओं का लाभ सही समय पर सही लाभुकों तक पहुंचेगा।

 

प्रश्न: बिहार सरकार ने नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ देने के लिए कौन-सा पोर्टल शुरू किया है?

A) बिहार-वन पोर्टल

B) बिहार सेवा पोर्टल

C) बिहार डिजिटल पोर्टल

D) बिहार नागरिक सेवा पोर्टल

 

उत्तर: A) बिहार-वन पोर्टल

विवरण: बिहार सरकार ने 300 से अधिक सेवाओं और योजनाओं को एक ही मंच पर लाने हेतु 'बिहार-वन' पोर्टल शुरू किया है।

 

बिहार में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: एक बड़ी पहल

बिहार सरकार शहरों में आधारभूत ढांचे के साथ-साथ आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। यह योजना न केवल ई-गवर्नेंस को प्रोत्साहन देगी, बल्कि सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता में भी सुधार करेगी।

बिहार में 261 शहरी निकाय है तथा इसे पहले बड़े शहरों में, फिर छोटे शहरों में लागू किया जाएगा। बिहार में 56 शहरों में योजना पहले से कार्यान्वित है, अब इसे 100 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

 

इसके तहत आधुनिक तकनीक के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी होगी तथा ई-सुविधाओं के माध्यम से पारदर्शिता और कार्य कुशलता को बढ़ावा मिलेगा।

 

उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, और यूपीएस की स्थापना की जाएगी जिससे विभिन्‍न लाभ होंगे

·     पारदर्शिता में सुधार: सरकारी योजनाओं की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध।

·     मॉनिटरिंग सुविधा: राज्य मुख्यालय से योजनाओं की निगरानी।

·     लाभुकों को मदद: योजनाओं का लाभ दिलाने में आसानी।

·     आधुनिक तकनीक का उपयोग: अत्याधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का समावेश।

 

बिहार में इंटरनेट उपयोग में तेजी: देश में पहला स्थान

दूरसंचार घनत्व में देखा जाए तो बिहार में 56.66 प्रतिशत के साथ सबसे निचले पायदान पर है। जबकि इंटरनेट उपयोग में वृद्धि देखी गयी है।

बिहार ने इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की वृद्धि दर में देश भर में पहला स्थान हासिल किया जहां 2023-24 में 14.2% की वृद्धि दर्ज हुई। मार्च 2023 में इंटरनेट सब्सक्राइबर की संख्या 634 लाख थी, जो मार्च 2024 में बढ़कर 717 लाख हो गई।

दूसरे स्‍थान पर असम दूसरे स्थान पर रहा, जहां 13.5% की वृद्धि दर्ज हुई। इस प्रकार बिहार ने अन्य राज्यों की तुलना में अधिक तेजी से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में इजाफा किया।

5जी सेवाओं की शुरुआत के बाद, हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए सब्सक्राइबर्स की संख्या में तेजी आई जो डिजिटल सशक्तिकरण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, दूरसंचार घनत्व में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।

 

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प्रश्न: बिहार ने 2023-24 में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की वृद्धि दर में देश भर में कौन-सा स्थान प्राप्त किया?

A) दूसरा स्थान

B) तीसरा स्थान

C) पहला स्थान

D) चौथा स्थान

 

उत्तर: C) पहला स्थान

विवरण: बिहार ने 2023-24 में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की वृद्धि दर में देश भर में पहला स्थान हासिल किया, जहां 14.2% की वृद्धि दर्ज की गई।

 

बिहार का पहला एआई सुपर कंप्यूटर "परम बुद्ध"

सीडैक पटना ने बिहार का पहला एआई-सक्षम सुपर कंप्यूटर "परम बुद्ध" विकसित किया। यह ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) आधारित है, जिससे यह एक साथ कई जटिल कार्य बिना त्रुटि के कर सकता है।

परम बुद्ध का उपयोग आईआईटी बीएचयू, थल सेना, और अन्य क्षेत्रों में टेस्टिंग मोड पर किया गया। इसकी मांग अब आईआईटी पटना जैसे संस्थानों में भी हो रही है।

 

प्रमुख उपयोग:

·     नागरिक सुविधाएं: सरकारी सेवाओं, निबंधन, दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में सर्वर की धीमी गति की समस्या को हल करना।

·     शहरी विकास: टाउन प्लानिंग, सीवेज लाइन निर्माण, और ट्रैफिक रूट प्लानिंग।

·     स्मार्ट पुलिसिंग: साइबर अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग में सहायता।

·     कृषि: फसल रोगों का निदान, विज्ञान आधारित खेती, और उपचार के समाधान।

·     स्वास्थ्य: बीमारियों के प्रभाव और दवाओं के लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन।

·     अनुसंधान: बड़े डेटा सेट का विश्लेषण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में शोध।

 

प्रश्न: बिहार का पहला एआई-सक्षम सुपर कंप्यूटर "परम बुद्ध" किस संगठन ने विकसित किया?

A) आईआईटी पटना

B) सीडैक पटना

C) बीआईटी सिंदरी

D) एनआईटी पटना

 

उत्तर: B) सीडैक पटना

विवरण: सीडैक पटना ने बिहार का पहला एआई-सक्षम सुपर कंप्यूटर "परम बुद्ध" विकसित किया है। यह ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) आधारित है, जो एक साथ कई जटिल कार्यों को बिना त्रुटि के करने में सक्षम है।

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बिहार के पहले मल्टी-सेक्टर स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) को मंजूरी

केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद बिहार में बक्सर के नवानगर और पश्चिम चंपारण के कुमारबाग में 125-125 एकड़ भूमि पर SEZ विकसित होंगे। यह बिहार का पहला मल्टी-सेक्टर SEZ होगा। इन क्षेत्रों का विकास बिहार औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIADA) के माध्यम से होगा।

 

SEZ के लाभ:

·     उद्योगों को प्रोत्साहन: उद्योगों को शुल्क में छूट, निवेश में सहायता, और निर्यात को बढ़ावा।

·     मल्टी-सेक्टर SEZ: कई क्षेत्रों के उद्योग एक ही स्थान पर विकसित किए जाएंगे।

·     आर्थिक विकास: व्यापार, भंडारण और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि से रोजगार और आर्थिक समृद्धि।

 

प्रश्न: बिहार में मल्टी-सेक्टर SEZ का विकास कहाँ किया जाएगा?

A) बक्सर और पश्चिम चंपारण

B) पटना और मुंगेर

C) भागलपुर और मधुबनी

D) गया और अररिया

 

उत्तर: A) बक्सर और पश्चिम चंपारण

विवरण: केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद बिहार में बक्सर के नवानगर और पश्चिम चंपारण के कुमारबाग में 125-125 एकड़ भूमि पर मल्टी-सेक्टर SEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) विकसित होंगे।

 

हर प्रखंड में पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना

बिहार सरकार राज्य के हर प्रखंड में एक पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य कम प्रसिद्ध स्थलों को पहचानना, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार सृजित करना है।

 

इस योजना के तहत हर प्रखंड में एक पर्यटन स्थल का चयन किया जाएगा तथा स्‍थलों के चयन में सर्वाधिक प्रभावी और लोकप्रिय प्रविष्टियों वाले स्थलों के साथ साथ आम जनता की राय प्राथमिकता दी जाएगी ।  चयनित स्थलों की सूची तैयार होने के बाद मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा और उनका प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

 

इस योजना का उद्देश्‍य कम प्रसिद्ध स्थलों को पहचान देकर उन्हें लोकप्रिय बनाना है जिससे न केवल घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

 

निष्कर्षत: इस योजना से बिहार में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय स्थलों के विकास से न केवल उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

 

प्रश्न: बिहार सरकार की योजना के तहत राज्य के हर प्रखंड में क्या विकसित किया जाएगा?

A) कृषि केंद्र

B) अस्पताल

C) पर्यटन स्थल

D) विद्यालय

 

उत्तर: C) पर्यटन स्थल

विवरण: बिहार सरकार राज्य के हर प्रखंड में एक पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य कम प्रसिद्ध स्थलों को पहचानना, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार सृजित करना है।

 

बिहार पुलिसकर्मियों के लिए बीमा योजना

बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा और आर्थिक सहायता के लिए एक व्यापक बीमा योजना लागू की है। योजना पुलिसकर्मियों की दुर्घटनाओं, सामान्य मृत्यु, और विकलांगता से संबंधित जोखिमों को कवर करती है।

 

योजना की मुख्य विशेषताएँ

बीमा राशि का विवरण:

·     दुर्घटनाजन्य मृत्यु: ₹2.30 करोड़ तक।

·     स्थायी पूर्ण विकलांगता: ₹1.50 करोड़।

·     आंशिक विकलांगता: विकलांगता के प्रतिशत के अनुसार ₹1.50 करोड़ तक।

·     सामान्य मृत्यु: आश्रितों को ₹20 लाख।

·     सेवानिवृत्त कर्मियों का कवर: ₹75 लाख।

·      

अतिरिक्त लाभ:

·     बेटियों की शादी: बीमा योजना में बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता।

·     उच्च शिक्षा: बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए प्रावधान।

·     यह लाभ 1.09 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा।

 

बिहार के मेडिकल कॉलेजों में हिंदी माध्यम की पढ़ाई

बिहार के मेडिकल कॉलेजों में मध्य प्रदेश की तर्ज पर हिंदी माध्यम से पढ़ाई शुरू की जाएगी। यह कदम चिकित्सा शिक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं में अधिक सुलभ बनाने की दिशा में है।

 

उल्‍लेखनीय है कि मध्य प्रदेश ने सबसे पहले चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई हिंदी में शुरू की। इसके बाद बिहार सरकार ने इसे अपनाने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत मेडिकल छात्रों को प्रथम वर्ष में हिंदी में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी तथा छात्र हिंदी, अंग्रेजी, या दोनों भाषाओं में उत्तर लिखने का विकल्प चुन सकेंगे।

 

प्रश्न: बिहार सरकार ने किस क्षेत्रीय भाषा में चिकित्सा शिक्षा शुरू करने का निर्णय लिया है?

A) भोजपुरी

B) हिंदी

C) मैथिली

D) उर्दू

 

उत्तर: B) हिंदी

विवरण: बिहार के मेडिकल कॉलेजों में मध्य प्रदेश की तर्ज पर हिंदी माध्यम से पढ़ाई शुरू की जाएगी।

 

अदिति झा: फेमिना मिस इंडिया बिहार 2024 की विजेता

मधुबनी, बिहार की अदिति झा ने फेमिना मिस इंडिया बिहार 2024 का खिताब जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।

 

प्रश्न: फेमिना मिस इंडिया बिहार 2024 का खिताब किसने जीता है?

A) अदिति झा

B) सुष्मिता सिंह

C) नीतू कुमारी

D) पूजा कुमारी

 

उत्तर: A) अदिति झा

 

रेलवे ने इंजन का नाम रखा "नालंदा"

भारतीय रेलवे ने नालंदा विश्वविद्यालय के नाम पर अपने एक इंजन का नामकरण किया है। यह कदम नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और उसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए उठाया गया है।

इससे पहले रेलवे ने शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, स्मारकों और प्रसिद्ध भारतीय महिलाओं के नाम पर इंजन नामित किए हैं। नालंदा विश्वविद्यालय के नाम पर इंजन का नामकरण शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

 

प्रश्न: भारतीय रेलवे ने किस विश्वविद्यालय के नाम पर अपने एक इंजन का नामकरण किया है?

A) काशी हिंदू विश्वविद्यालय

B) नालंदा विश्वविद्यालय

C) दिल्ली विश्वविद्यालय

D) जेएनयू

 

उत्तर: B) नालंदा विश्वविद्यालय

विवरण: भारतीय रेलवे ने नालंदा विश्वविद्यालय के नाम पर अपने एक इंजन का नामकरण किया है। यह कदम नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और उसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले रेलवे ने शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, स्मारकों के नाम पर इंजन नामित किए हैं।

 

बिहार म्यूजियम को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

भारत की सांस्कृतिक धरोहर और संग्रहालयों के महत्व को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने पहली बार राज्य संग्रहालय सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया।

 

मुख्य बिंदु:

·        बिहार से बिहार म्यूजियम, पटना म्यूजियम, और बोधगया म्यूजियम को प्रस्तुतियां देने के लिए चुना गया।

·        बिहार म्यूजियम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त किया।

·        पूर्वी क्षेत्र श्रेणी में बिहार के साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, और झारखंड जैसे राज्य शामिल थे।

 

प्रश्न: राज्य संग्रहालय सम्मेलन 2024 में पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार किस संग्रहालय को मिला?

A) पटना म्यूजियम

B) बोधगया म्यूजियम

C) बिहार म्यूजियम

D) कोलकाता म्यूजियम

 

उत्तर: C) बिहार म्यूजियम

विवरण: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्य संग्रहालय सम्मेलन में बिहार से बिहार म्यूजियम, पटना म्यूजियम, और बोधगया म्यूजियम को प्रस्तुतियां देने के लिए चुना गया। बिहार म्यूजियम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त किया।

 

ग्रामीण जलापूर्ति योजना: एक समग्र पहल

 

ग्रामीण विकास और जनकल्याण के लिए जल की उपलब्धता और उसके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने जलापूर्ति योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में हर माह जल चौपाल आयोजित करने और उपभोक्ता संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।

 

इसके तहत प्रत्येक वार्ड में उपभोक्ता संतुष्टि सर्वेक्षण किया जाएगा ताकि योजनाओं के प्रभाव और उपयोगिता का आकलन हो सके। इसका उद्देश्‍य उपभोक्ताओं को जल के समुचित उपयोग के प्रति जागरूक करना और जल बर्बादी रोकना है।

 

ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जल चौपाल और उपभोक्ता संतुष्टि सर्वेक्षण जैसे कदम न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जल सेवाओं की गुणवत्ता सुधारेंगे, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने में भी सहायक होंगे। इस प्रकार, यह पहल ग्रामीण जलापूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

 


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