Jul 29, 2025

प्रश्‍न- अनुच्छेद - 32 "भारत के संविधान का हृदय और आत्मा है"। व्याख्या कीजिए । 8

 70th BPSC PYQ mains Question with answer


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प्रश्‍न- अनुच्छेद - 32 "भारत के संविधान का हृदय और आत्मा है"। व्याख्या कीजिए । 8

उत्‍तर- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचार का अधिकार प्रदान करता है जो  नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों के उल्‍लंघन की दशा में सीधे सर्वोच्‍च न्‍यायालय में जाने का अधिकार देता है।

 

अनुच्छेद 32 के माध्‍यम से सर्वोच्‍च न्‍यायालय विभिन्न रिट जैसे बंदी प्रत्‍यक्षीकरणरण, परमादेश, निषेधाज्ञा, अधिकार पृच्‍छा जारी कर जारी कर सकता है जिससे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होती है। अनुच्‍छेद 32 की इन  विशेषता के कारण डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इसे "संविधान का हृदय और आत्मा" की संज्ञा दी थी क्योंकि इसके बिना संविधान केवल एक औपचारिक दस्तावेज रह जाएगा।

 

इस प्रकार यह सरकार के नागरिक अधिकारों के विरुद्ध कार्यों पर अंकुश लगाने के साथ साथ नागरिकों की स्‍वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। अनुच्‍छेद 32 की महत्‍ता को न्‍यायालय द्वारा विभिन्‍न वादों जैसे ए.के.गोपालन वाद 1950, केशवानंद भारतीय बनाम केरल राज्‍य, 1973 आदि के संदर्भ में देखा जा सकता है।

 

हांलाकि अनुच्‍छेद 32 सामान्‍य कानूनी अधिकारों पर लागू नहीं होता फिर भी मौलिक अधिकारों के मामले में यह भारतीय लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है जो संविधान को जीवंतता और प्रभावशीलता प्रदान करता है। इसी कारण इसे संविधान का "हृदय और आत्मा" कहा जाता है।

शब्‍द संख्‍या 192



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