71th BPSC प्रश्न- संयुक्त राष्ट्र स्थायी विकास लक्ष्य (SDGs),
जिन्हें ग्लोबल गोल्स भी कहा जाता है, सितंबर 2015 में उनके स्वीकृत होने के बाद से पिछले दस वर्षों से प्रभावी है। संयुक्त
राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत की प्रगति और
चुनौतियों का विश्लेषण करें। [38]
उत्तर-
सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत 17 सतत विकास
लक्ष्य (SDGs) वर्ष 2030 तक गरीबी
उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण और सर्वांगीण विकास का रोडमैप
प्रस्तुत करते हैं। भारत ने इन लक्ष्यों को अपनी राष्ट्रीय नीतियों में समाहित करते
हुए “सबका साथ, सबका विकास” दृष्टिकोण
के साथ इनके कार्यान्वयन को आगे बढ़ाया और कई SDGs में प्रगति
दर्ज की है।
भारत की प्रमुख प्रगति
- SDG 1 – गरीबी उन्मूलन: लगभग 24 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। प्रधानमंत्री जन धन योजना एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ने वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया।
- SDG 2 –
भूख उन्मूलन: पीएम पोषण (मिड-डे मील) एवं पोषण अभियान (POSHAN Abhiyan) से बाल कुपोषण में कमी आई है। हालांकि Global Hunger Index में भारत की स्थिति अभी भी चिंता का विषय है।
- SDG 4 –
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: नई शिक्षा नीति 2020 और “बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ” अभियान से साक्षरता एवं बालिका नामांकन में सुधार हुआ है।
- SDG 6 – स्वच्छ जल एवं स्वच्छता: जल जीवन मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल कनेक्शन और स्वच्छता कवरेज में वृद्धि हुई है।
- SDG 7 – स्वच्छ ऊर्जा: भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है तथा सौर ऊर्जा क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हुआ है।
भारत
की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, JAM Trinity तथा आकांक्षी जिला
कार्यक्रम ने अंतिम व्यक्ति तक पहुंच और सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण किया
जिसके फलस्वरूप भारत ने लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रगति दर्ज की है। हांलाकि
भारत कई लक्ष्यों से अभी दूर है जिनकी राह में कई चुनौतियाँ अब भी विद्यमान हैं।
प्रमुख चुनौतियाँ
- SDG 10 –
असमानता:
आय, लिंग एवं क्षेत्रीय विषमताएँ अभी भी गहरी हैं।
- SDG 13 –
जलवायु परिवर्तन: बाढ़, सूखा जैसी आपदाओं की बढ़ती तीव्रता विकास
को प्रभावित कर रही हैं।
- SDG 8 – रोजगार: युवाओं एवं महिलाओं में बेरोजगारी गंभीर चुनौती बनी हुई है।
- SDG 3 – स्वास्थ्य: ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ अभी कमजोर हैं।
- SDG निगरानी हेतु विश्वसनीय एवं अद्यतन डेटा का अभाव।
स्पष्ट
है कि भारत ने सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है किंतु 2030 तक सतत, समावेशी एवं जलवायु-संवेदनशील विकास
सुनिश्चित करने हेतु नीति-क्रियान्वयन, वित्त पोषण तथा
सामाजिक समावेशन को और सुदृढ़ करने के साथ “सबका साथ, सबका
विकास” की भावना से कार्य करना होगा।
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