Jun 13, 2025

प्रश्‍न- भारत के चार सबसे बड़े महानगरीय शहर क्षेत्रों में और उनके आसपास ऑटोमोबाइल उद्योगों की वृद्धि और विकास पर चर्चा करें।

प्रश्‍न- भारत के चार सबसे बड़े महानगरीय शहर क्षेत्रों में और उनके आसपास ऑटोमोबाइल उद्योगों की वृद्धि और विकास पर चर्चा करें। (70th BPSC)



उत्‍तर- भारत के चार प्रमुख महानगर दिल्ली (एनसीआर), मुंबई , चेन्नई और कोलकाता है जो देश के ऑटोमोबाइल उद्योग के प्रमुख केंद्र हैं। प्रत्येक महानगरीय क्षेत्र ने भौगोलिक, बुनियादी ढांचे, नीति समर्थन और मानव संसाधन की दृष्टि से इस उद्योग के विकास में विशेष योगदान दिया है जिसे निम्‍न प्रकार समझ सकते हैं-

 

दिल्ली- एनसीआर


गुरुग्राम–मानेसर–फरीदाबाद में फैला यह क्षेत्र उत्‍तर भारत का डेट्रायट कहलाता है। मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प यहां स्थित हैं। इस क्षेत्र के विकास में सरकार की औद्योगिक नीतियां, परिवहन सुविधा, सस्‍ते एवं कुशल श्रमबल, दिल्ली जैसे बड़े बाजार महत्‍वपूर्ण है।


मुंबई

महाराष्ट्र के मुम्‍बई और पुणे में  मल्टीनेशनल कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, मर्सिडीज-बेंज ऑटोमोबाइल क्लस्टर बनाते हैं। पुणे डिजाइन, आर एंड डी और ऑटो कंपोनेंट निर्माण केंद्र है जबकि मुम्‍बई सड़क, वायु एवं जलमार्ग से निर्यात एवं बाजार पहुंच बढ़ाता है। 


चेन्नई

चेन्नई "Detroit of India" कहा जाता है। हुंडई, फोर्ड, अशोक लेलैंड, रेनॉल्ट-निसान जैसी कंपनियाँ यहाँ हैं। ऑटोमोबाइल नीति, समुद्री बंदरगाहों की उपलब्धता और दक्ष तकनीकी मानव संसाधन ने इसे ऑटोमोबाइल हब बनाया।


कोलकाता

वर्तमान में ओटोमाबाइल में कोलकाता अपेक्षाकृत पिछड़ा है, फिर भी यहाँ हिंदुस्तान मोटर्स, अशोक लेलैंड जैसे पुराने संयंत्र हैं। टाटा के नैनो संयंत्र विवाद के बाद से पिछले कुछ वर्षों में नीतिगत सुधारों से निवेश बढ़ा है तथा यह क्षेत्र पुनरुत्थान की राह पर है।

 

उपरोक्‍त महानगरों ने अनुकूल नीतियों, कुशल एवं सस्‍ते श्रम, निवेश, उपयुक्‍त भौगौलिक परिस्थितियों के फलस्‍वरूप भारत में ऑटोमोबाइल निर्माण, निर्यात, रोजगार और तकनीकी विकास को गति दी है।

शब्द संख्या -249

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