GK BUCKET is best for BPSC and other competitive Exam preparation. gkbucket, bpsc prelims and mains, bpsc essay, bpsc nibandh, 71th BPSC, bpsc mains answer writing, bpsc model answer, bpsc exam ki tyari kaise kare

Mar 17, 2026

Universal health coverage in India- Current affairs 2026 for Mains

 

भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज


भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage–UHC) का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ बिना वित्तीय कठिनाई के उपलब्ध हों। लैंसेट आयोग ने हालिया रिपोर्ट में वर्ष 2047 तक UHC प्राप्त करने के लिए एक परिवर्तनकारी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है जिसमें स्वास्थ्य प्रणाली की प्रमुख चुनौतियों और आवश्यक सुधारों को रेखांकित किया गया है।

 

स्वास्थ्य प्रणाली की प्रमुख प्रणालीगत चुनौतियाँ

विखंडित स्वास्थ्य सेवा वितरण- स्वास्थ्य प्रणाली विभिन्न रोग-विशिष्ट कार्यक्रमों में विभाजित है और प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय की कमी है।

 

बढ़ता स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यय- आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के बावजूद इलाज पर जेब से खर्च (Out-of-Pocket Expenditure) अधिक है। विशेष रूप से ओपीडी सेवाओं और दवाओं का खर्च इसका मुख्य कारण है।

 

बीमारियों का बढ़ता बोझ-स्वास्थ्य प्रणाली को संक्रामक रोगों के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों (NCDs) के बढ़ते बोझ का सामना करना पड़ रहा है।

 

उपचार गुणवत्ता में कमी-स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में कई बार नैदानिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता जिससे उपचार की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

 

Join our  Mains special Telegram Group 

BPSC Mains special Notes

Whatsapp/call 74704-95829


लैंसेट आयोग द्वारा सुझाए गए प्रमुख सुधार

नागरिकों को सशक्त बनाना

  • स्थानीय शासन संस्थाओं और नागरिक समाज मंचों को मजबूत करना।
  • ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों की भूमिका बढ़ाना।
  • प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना।
  • स्वास्थ्य प्रणाली के प्रदर्शन से संबंधित डेटा तक नागरिकों की पहुंच सुनिश्चित करना।

 

सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

  • एकीकृत वितरण प्रणाली (Integrated Delivery System–IDS) को विकेंद्रीकृत करना।
  • आधुनिक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क को द्वितीयक स्तर के अस्पतालों से जोड़ना।
  • ये अस्पताल एक निश्चित आबादी को समन्वित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेंगे।

 

निजी क्षेत्र को UHC लक्ष्यों से जोड़ना

  • रोगों की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • ओपीडी सेवाओं और दवाओं को शामिल करने के लिए स्वैच्छिक बीमा को बढ़ावा देना।

 

अन्‍य सुझाव

  • स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में तकनीक का विस्तार एवं डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना।
  • निगरानी और मूल्यांकन के लिए रीयल-टाइम डेटा सिस्टम का उपयोग।
  • शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय।

 

निष्कर्षत: भारत में 2047 तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली में संरचनात्मक सुधार, वित्तीय सुरक्षा, बेहतर सेवा गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार आवश्यक हैं। यदि सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए तथा नागरिकों की भागीदारी बढ़ाई जाए, तो भारत एक समावेशी और सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली विकसित कर सकता है।

No comments:

Post a Comment