बिहार बजट 2026-27
भारत वर्तमान समय
में विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी स्थान पर है और इसी
क्रम में बिहार भी तेज़ गति से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है।
वर्ष 2025-26 के लिए बिहार की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का
आकलन किया गया है।
बिहार का बजट आकार
वर्ष 2004-05 के 23,885 करोड़ रुपए से बढ़कर 2026-27 में 3,47,589 करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया है। बजट में यह वृद्धि बिहार की विकास,
अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश की बढ़ी क्षमता दर्शाता
है।
“न्याय के साथ
विकास” की नीति पर चलते हुए राज्य सरकार ने सात निश्चय–1 और सात निश्चय–2 योजनाओं
के माध्यम से शिक्षा,
स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि
तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब सात निश्चय–3
(2025-2030) के अंतर्गत बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने, प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने तथा एक करोड़ नए रोजगार सृजित करने का
लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
BPSC Mains special Notes
सामाजिक
एवं आर्थिक सशक्तिकरण
- राज्य सरकार द्वारा अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,000 की प्रारंभिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
- महिलाओं के स्वरोजगार और उद्यम को बढ़ावा देने के लिए उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान करने की योजना बनाई गई है।
- जाति आधारित जनगणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को “लघु उद्यमी योजना” के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।
- ग्रामीण हाट-बाजारों के विकास के द्वारा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
औद्योगिक
एवं कृषि विकास
- राज्य में औद्योगिक क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ₹50 लाख करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- चौथे कृषि रोडमैप के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
- मखाना उत्पादन, डेयरी
उद्योग, मत्स्य पालन तथा पशुपालन जैसे क्षेत्रों को विशेष
प्रोत्साहन देने की योजना है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना
- प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज स्थापित कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
- जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक उन्नत कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
- राज्य में पाँच नए एक्सप्रेसवे का निर्माण और सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
- शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी।
- पर्यटन और खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएँगे।
जनकल्याणकारी
पहल
- “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धजनों को उनके घर पर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
- नागरिकों की सुविधा के लिए संपत्ति पंजीकरण की सेवाएँ भी घर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बिहार सरकार की पिछले दशक की प्रमुख
उपलब्धियाँ
कृषि
क्षेत्र में प्रगति
- भारत के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत उत्पादन अकेले बिहार में होता है।
- देश के कुल लीची उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है।
- सब्जी और मक्का उत्पादन में भी बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रमुख और मध्यम परियोजनाओं से 70.5 प्रतिशत तथा लघु सिंचाई परियोजनाओं से 75.2 प्रतिशत क्षेत्र आच्छादित किया जा चुका है।
आधारभूत
संरचना का विकास
- ग्रामीण सड़कों की
कुल लंबाई वर्ष 2015-16 में 64,205 किलोमीटर थी, जो बढ़कर वर्ष
2025-26 में 1.19 लाख किलोमीटर हो गई है।
- सड़क घनत्व के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
ऊर्जा
क्षेत्र में सुधार
- राज्य में प्रति
व्यक्ति विद्युत उपभोग वर्ष 2015 में 203 kWh था, जो बढ़कर वर्ष 2025 में 374 kWh हो गया है।
स्वास्थ्य
और शिक्षा क्षेत्र
- स्वास्थ्य और शिक्षा पर किया जाने वाला कल्याणकारी व्यय पिछले दस वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ गया है।
- संस्थागत प्रसव में 76.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
- मातृ मृत्यु अनुपात में 61 अंकों की कमी आई है।
- प्राथमिक शिक्षा में नामांकन दर 70 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।
महिला
सशक्तिकरण
- जीविका कार्यक्रम के अंतर्गत 11 लाख 45 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।
- इन समूहों से लगभग 1 करोड़ 40 लाख परिवार जुड़े हुए हैं।
- 91 लाख महिला सदस्यों को बीमा सुरक्षा का लाभ प्रदान किया गया है।
बिहार बजट 2026-27
राज्य के सर्वांगीण और समावेशी विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। रोजगार
सृजन,
महिला सशक्तिकरण, कृषि एवं औद्योगिक विकास,
सुदृढ़ स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना के माध्यम से
बिहार को विकसित राज्य बनाने की ठोस रणनीति इस बजट में दिखाई देती है। यह बजट न
केवल आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि राज्य के प्रत्येक
वर्ग के जीवन को अधिक सरल, सम्मानजनक और सुरक्षित बनाने में
भी सहायक सिद्ध होगा।
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वर्ष 2026-27 का बजट सारांश
बिहार बजट 2026-27
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट राज्य के आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और अधोसंरचना निर्माण को गति देने पर केंद्रित है। इस वर्ष का कुल बजट आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष 2025-26 के बजट से लगभग 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। बजट में राजस्व वृद्धि, पूंजीगत व्यय, ऋण प्रबंधन और विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बजट संरचना
- वर्ष 2026-27 का कुल बजट आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है जो पिछले
वर्ष की तुलना में 9.7 प्रतिशत अधिक है।
- कुल व्यय में स्कीम
व्यय का हिस्सा
35.14 प्रतिशत तथा स्थापना व्यय का 64.86 प्रतिशत
है।
- पूंजीगत व्यय- कुल पूंजीगत व्यय कुल बजट का 18.26 प्रतिशत है। इसमें सामान्य सेवाएं, सामाजिक सेवाएं,
आर्थिक सेवाएं शामिल है ।
- राजस्व व्यय- कुल राजस्व व्यय कुल व्यय का 81.74 प्रतिशत है जिसमें वेतन, पेंशन, ब्याज भुगतान और ऋण वापसी पर आदि शामिल है।
राजस्व प्राप्तियाँ
- कुल राजस्व प्राप्तियाँ 2,85,277.12 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। राज्य
के अपने कर स्रोतों से 65,800 करोड़ रुपये की आय अनुमानित है,
जिसमें—
- वाणिज्य कर से 50,000 करोड़ रुपये
- स्टाम्प एवं निबंधन से 10,000 करोड़ रुपये
- परिवहन कर से 5,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- गैर-कर राजस्व से 9,402.99 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।
ऋण प्रबंधन
- वर्ष 2026-27 में कुल 61,939.48 करोड़ रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव है। इस ऋण में बाजार ऋण, नाबार्ड, विश्व बैंक तथा एशियन विकास बैंक से प्राप्त
ऋण शामिल हैं।
- वर्ष 2024-25 के अंत में कुल बकाया ऋण
3,74,133.50 करोड़ रुपए है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का
37.72% है और 15वें वित्त आयोग की अनुशंसित सीमा
39.9% के अंदर है।
स्थानीय निकायों के लिए
प्रावधान
- पंचायती राज संस्थाओं और
नगर निकायों के लिए कुल 8,718.33 करोड़ रुपये का अनुदान
प्रस्तावित है।
- 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत SDRF और स्थानीय निकायों को 7,893 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राजकोषीय अनुशासन
- वर्ष 2026-27 में राजस्व अधिशेष 1,143.19 करोड़ रुपये अनुमानित है।
- राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है,
जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का
2.99 प्रतिशत है।
केन्द्र सरकार से सहायता
वर्ष 2026-27 में केन्द्र सरकार से कुल
1,58,178.32 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। केन्द्र सरकार
से सहायक अनुदान के रूप में 51,895.81 करोड़ रुपये मिलने की संभावना
है जिसका मदवार विवरण निम्नानुसार है
|
क्र. |
मदें |
राशि
(करोड़ रुपये में) |
|
|
1 |
केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम |
44,002.81 |
|
|
2 |
16वें वित्त आयोग की
अनुशंसा की प्रत्याशा में |
7,893.00 |
|
|
|
a |
राज्य आपदा राहत कोष |
1,721.00 |
|
b |
ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान |
4,012.00 |
|
|
c |
शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान |
2,160.00 |
|
|
कुल |
51,895.81 |
||
.
|
बिहार
बजट 2026-27
: सर्वाधिक खर्च वाले प्रमुख क्षेत्र |
||
|
क्रम संख्या |
विभाग / क्षेत्र |
अनुमानित व्यय (करोड़ रुपये) |
|
1 |
शिक्षा एवं उच्च शिक्षा |
68,216.95 |
|
2 |
ग्रामीण विकास |
23,701.18 |
|
3 |
स्वास्थ्य |
21,270.40 |
|
4 |
गृह विभाग |
20,132.87 |
|
5 |
ऊर्जा विभाग |
18,737.06 |
|
6 |
ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण
विभाग (सड़क निर्माण) |
18,716.97 |
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